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राशन में घटिया चावल मिलने का आरोप, ग्रामीण महिलाओं ने की जांच की मांग

कल्याणपुर। पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत दिलारपुर पंचायत के नन्हकार गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान पर इस बार राशन में घटिया गुणवत्ता का चावल मिलने का मामला सामने आया है। ग्रामीण महिलाओं ने चावल की...

कल्याणपुर। पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत दिलारपुर पंचायत के नन्हकार गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान पर इस बार राशन में घटिया गुणवत्ता का चावल मिलने का मामला सामने आया है। ग्रामीण महिलाओं ने चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से इसकी जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, नन्हकार गांव में श्यामप्रसाद की जन वितरण प्रणाली की दुकान पर राशन कार्डधारियों के बीच वितरण के लिए चावल पहुंचा है। राशन लेने पहुंची महिलाओं ने जब चावल देखा तो उसमें मिट्टी, गर्दा और कंकड़ की मात्रा अधिक होने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना है कि चावल की स्थिति इतनी खराब है कि इसे साफ करने के बाद भी खाने योग्य बनाए जाने को लेकर आशंका बनी हुई है।

ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाले राशन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि अधिकांश गरीब परिवार अपने दैनिक भोजन के लिए पीडीएस से मिलने वाले अनाज पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि उन्हें खराब या मिलावटी अनाज मिलता है तो इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य और परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।

महिलाओं ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर चावल की जांच कराई जाए तथा यदि अनाज की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है तो उसे तत्काल बदलकर गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक राशन की गुणवत्ता की जांच नहीं होती और खराब चावल को बदला नहीं जाता, तब तक वे इस बार दुकान से राशन उठाने से परहेज करेंगे।

हालांकि, चावल की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

MD JILLANI MANSURI

मो. जिलानी मंसूरी हिंदुस्तान तक न्यूज़ के चीफ एडिटर हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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