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चीन ने निकाली अमेरिका की काट, डेटा सेंटर्स का बनाएगा एक नेटवर्क, क्या पूरा होगा AI प्लस प्लान?

China AI Plus Plan: चीन ने अपने AI प्लस प्लान को पूरा करने के लिए नई योजना बनाई है। चीन अपने यहां के सभी डेटा सेंटर्स का एक नेटवर्क बनाने वाला है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि AI में आगे बढ़ने के लिए संसाधन बढ़ सकें।

China AI Plus Plan: चीन और अमेरिका के बीच तकनीक के क्षेत्र में चल रही प्रतिस्पर्धा और बढ़ने वाली है। खासकर, दोनों देश AI के क्षेत्र में खुद को आगे ले जाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। जहां अमेरिका ने AI एक्शन प्लान की घोषणा की है, वहीं चीन ने भी AI प्लस प्लान का ऐलान किया है।

चीन ने अब अपने AI ड्रीम को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर्स को एकजुट करके एक बड़ा नेशनल नेटवर्क बनाया जाए। इसका मकसद है AI के लिए जरूरी संसाधनों को बढ़ाना। बीजिंग में हुए सम्मेलन में इस योजना पर विस्तार से चर्चा हुई थी। चलिए, समझते हैं कि चीन का पूरा प्लान क्या है और डेटा सेंटर्स को एकजुट करने से क्या होगा।

डेटा सेंटर्स को एक नेटवर्क में जोड़ा जा रहा

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, चीन की ओपन डेटा सेंटर कमेटी (ODC) ने बीजिंग में तीन दिन का सम्मेलन आयोजित किया। इस कमेटी में अलीबाबा, चाइना टेलीकॉम, टेनसेंट और बायडू जैसी बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में बने डेटा सेंटर्स को एक नेटवर्क में जोड़ा जाए। यह नेटवर्क AI तकनीक को तेजी से विकसित करने में मदद करेगा।

चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, जून 2025 तक चीन में 1.085 करोड़ स्टैंडर्ड AI स्टैक्स बनाए गए हैं। ये स्टैक्स सर्वर और टूल्स का ग्रुप होते हैं, जो AI के लिए जरूरी हैं। पिछले साल की तुलना में इसमें 30.7% का इजाफा हुआ। इसके पीछे चाइना मोबाइल, चाइना यूनिकॉम, चाइना टेलीकॉम जैसी सरकारी कंपनियों के साथ-साथ निजी कंपनियों जैसे अलीबाबा, बायडू और टेनसेंट का बड़ा योगदान है। ये कंपनियां लगातार AI के लिए निवेश कर रही हैं।

MD JILLANI MANSURI

मो. जिलानी मंसूरी हिंदुस्तान तक न्यूज़ के चीफ एडिटर हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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