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नेपाल: पुनर्निर्माण में इतने अरब डॉलर होंगे ख़र्च, भारत समेत किन देशों ने अब तक की मदद

नेपाल बाढ़ में मारे गए लोगों की याद में काठमांडू में आयोजित एक रैली में हिस्सा लेने आई महिला नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बीबीसी से कहा है कि भीषण बाढ़ के बाद पहले से ज़्यादा मज़बूत और...

नेपाल बाढ़ में मारे गए लोगों की याद में काठमांडू में आयोजित एक रैली में हिस्सा लेने आई महिला

नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बीबीसी से कहा है कि भीषण बाढ़ के बाद पहले से ज़्यादा मज़बूत और टिकाऊ इन्फ्रास्ट्र्क्चर बनाने में ‘6 अरब डॉलर तक’ का ख़र्च आएगा.

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए ज़रूरी है ताकि नई इमारतें और पब्लिक इन्फ्रास्ट्र्कचर वगैरह इस तरह की आपदाओं को झेलने के लिए बेहतर तरीक़े से तैयार हों.

उन्होंने कहा कि एक मज़बूत रीकंस्ट्रक्शन की लागत एक साधारण तरीक़े से किए गए रीकंस्ट्रक्शन की तुलना में दस गुना अधिक हो सकती है.

हाल ही में भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ के कारण नेपाल में 1200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों लापता हैं.

फंड जुटाने के लिए कॉन्फ़्रेंस

साल 1972 में भी भूकंप के बाद नेपाल के पुनर्निर्माण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था

फ़िलहाल नेपाल सरकार नुक़सान का तेज़ी से आकलन कर रही है. बाद में नुक़सान का विस्तृत आकलन भी किया जाएगा.

राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. गुनाकर भट्टा ने कहा, “हम फिलहाल नुक़सान का जल्द से जल्द आकलन कर रहे हैं. इसके बाद हम एक या डेढ़ महीने के भीतर व्यापक तौर पर इसका आकलन करेंगे.”

उन्होंने कहा कि ‘पोस्ट डिज़ास्टर नीड्स असेसमेंट’ (पीडीएनए) के लिए इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, एआई और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनमें ऑन-साइट निरीक्षण भी शामिल हैं.

भट्टा ने कहा, “यह 1972 के भूकंप से अलग तरह की आपदा है. हम इसके लिए अलग तरीक़े से काम कर रहे हैं.”

यह खबर बीबीसी न्यूज़ हिंदी से लिया गया I

MD JILLANI MANSURI

मो. जिलानी मंसूरी हिंदुस्तान तक न्यूज़ के चीफ एडिटर हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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